केजरीवाल पर कांग्रेस का हमला, कहा ‘नाच ना जाने, आंगन टेढ़ा’

Congress on Delhi Ordinance

Congress on Delhi Ordinance: दिल्ली में अध्यादेश मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सारा विपक्ष एकजुट करने में लगे हैं. इसी कड़ी में केजरीवाल ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन कांग्रेस ने इन्हीं मुलाकातों को लेकर केजरीवाल पर तंज कसा है.

कांग्रेस का केजरीवाल पर करारा तंज (Congress on Delhi Ordinance)

अब कांग्रेस ने इस मामले पर दिल्ली में आज तक विकास के सारे काम अब तक दिल्ली सरकारों ने इन्हीं मौजूदा अधिकारों के साथ किए हैं.

पार्टी प्रवक्ता ने पूछा कि, ‘लेकिन अरविंद केजरीवाल को आखिर अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले का अधिकार चाहिए क्यों?’

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Congress on Delhi Ordinance) ने कहा, “हमने केंद्र सरकार के साथ मिल कर अपनी सरकार के दौरान दिल्ली में काम किया. यूं ही नहीं दिल्ली में 150 फ्लाइओवर बन गए, यूं ही नहीं हम सीएनजी जैसी क्लीन एनर्जी को दिल्ली में ला पाए. यूं ही नहीं दिल्ली में मेट्रो बन जाती है. इंडस्ट्री दिल्ली में रिलोकेट हुईं.”

खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार ने इन्हीं अधिकारों के तहत दिल्ली में विकास के तमाम काम किए.

पवन खेड़ा ने कहा, “ऐसा क्या कारण हैं कि अरविंद केजरीवाल अकेले ऐसे सीएम हैं जो ये मांग रहे हैं. ना मदनलाल खुराना ने, ना साहेब सिंह वर्मा ने, ना सुषमा स्वराज ने और ना शीला दीक्षित जी ने ये मांगा लेकिन इन्हें (केजरीवाल) सब चाहिए. नाच ना जाने आंगन टेढ़ा वाली पंक्ति अरविंद केजरीवाल पर चरितार्थ होती है.”

केंद्र ने बदला कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को दिल्ली सरकार के अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले का अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिया था.

इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार 19 मई को एक अध्यादेश लेकर आई और कोर्ट के फैसले को पलट दिया. इसके ज़रिए केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिले अधिकार छीनकर दिल्ली के उपराज्यपाल को दे दिए.

इस अध्यादेश के खिलाफ़ केजरीवाल देश के तमाम ग़ैर-बीजेपी शासित राज्यों का दौरा कर रहे हैं और अध्यादेश के खिलाफ़ समर्थन जुटा रहे हैं.

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