योगी सरकार की बड़ी सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पत्रकारों को एक बड़ी सौगात दी है।
सरकार ने पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए ₹80 लाख 31 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
इस फैसले से पत्रकार समाज में खुशी और विश्वास की नई लहर दौड़ गई है।

पत्रकारों के लिए विशेष कल्याण कोष की स्थापना

राज्य सरकार ने पत्रकारों की मदद के लिए “राज्य पत्रकार कल्याण कोष” की स्थापना की है।
इस कोष से पत्रकारों को आकस्मिक दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों या आपात स्थितियों में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी इसी राशि से उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकार का मानना है कि —

“मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और उसका सम्मान व सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।”

यह कदम उन पत्रकारों के लिए राहत लेकर आया है जो जोखिम उठाकर सच्ची जानकारी समाज तक पहुंचाते हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी हुआ आदेश

सूचना विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने बताया कि यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत की गई है।
यह राशि सूचना एवं प्रचार विभाग के अंतर्गत जारी होगी।

इसका उपयोग निम्न कार्यों में किया जाएगा —

  • पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
  • आकस्मिक सहायता
  • चिकित्सा खर्चों की पूर्ति

संजय प्रसाद ने कहा कि सरकार चाहती है कि पत्रकार बिना चिंता के, निडर होकर अपना काम कर सकें।
इसीलिए बीमा और कल्याण योजनाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल लाई रंग

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
उस दौरान उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए स्थायी कोष बनाने का सुझाव दिया था।

डॉ. सिंह ने कहा —

“मुख्यमंत्री ने हमारी बात को गंभीरता से लिया और तुरंत कदम उठाया।
अब ₹80.31 लाख की स्वीकृति पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक फैसला है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय मीडिया जगत को नई शक्ति और आत्मविश्वास देगा।

पत्रकार समाज में खुशी की लहर

इस घोषणा के बाद प्रदेश भर के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है।
कई पत्रकार संगठनों ने इसे “सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का प्रतीक” बताया है।

पत्रकारों का कहना है कि —

  • इस योजना से आर्थिक सहयोग मिलेगा।
  • पत्रकारों का मनोबल और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा।
  • यह फैसला सरकार की पत्रकारिता के प्रति सम्मानजनक दृष्टि को दर्शाता है।

सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है कि —

“पत्रकार समाज की आवाज़ हैं, और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।”

सरकार ने पहले भी पत्रकारों के लिए कई सहायता योजनाएं चलाई हैं,
लेकिन इस बार स्वीकृत ₹80.31 लाख की राशि को एक नई और ठोस शुरुआत माना जा रहा है।

यह राशि केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि पत्रकारों के लिए सम्मान और विश्वास का प्रतीक भी है।

निष्कर्ष

योगी सरकार का यह फैसला न केवल पत्रकारों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा,
बल्कि लोकतंत्र की मजबूत नींव को और गहरा करेगा।

अब उत्तर प्रदेश के पत्रकार निडर होकर अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे —
और यही है एक सशक्त, पारदर्शी और संवेदनशील शासन की असली पहचान।

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