ओरल हाइजीन: दाँतों की सेहत, पूरे शरीर की सेहत

मुँह की सफाई क्यों ज़रूरी है?

  • मुँह हमारे शरीर का प्रवेश द्वार है।
  • गंदा मुँह = बैक्टीरिया शरीर में
  • दाँतों की अनदेखी से सिर्फ मुँह नहीं, दिल, फेफड़े और पेट भी प्रभावित होते हैं।

अगर दाँतों की देखभाल न करें तो…

🚫 समस्या🔍 असर
कैविटी (कीड़ा लगना)मीठा खाने और ब्रश न करने से
मसूड़ों की सूजनखून आना, बदबू आना
मुंह से बदबूआत्मविश्वास में कमी
दाँत गिरनाचबाने में दिक्कत, पोषण की कमी
संक्रमणहृदय, फेफड़े, शुगर पर असर
पाचन खराबखाना सही से चब नहीं पाते

हर उम्र की अलग ज़रूरतें

बच्चे (3–12 साल)

  • दूध के दाँत जल्दी सड़ते हैं
  • बार-बार कैविटी
  • चबाने में परेशानी

किशोर (13–19 साल)

  • मसूड़ों से खून
  • सांस में बदबू
  • दाँतों पर प्लाक

युवा (20–40 साल)

  • मसूड़ों की बीमारी
  • दाँत हिलना
  • मुँह के छाले

वरिष्ठ (40+ साल)

  • दाँत गिरना
  • पाचन और पोषण में दिक्कत
  • बार-बार फेफड़ों का संक्रमण

शरीर पर असर – सिर्फ मुँह तक सीमित नहीं

🧠 अंग/स्थिति⚠️ प्रभाव
दिलमसूड़ों का संक्रमण दिल की बीमारी बढ़ा सकता है
डायबिटीज़दाँतों की बीमारी से शुगर लेवल बिगड़ता है
गर्भावस्थासमय से पहले डिलीवरी का खतरा
मेंटल हेल्थबदबू और गिरे दाँत से आत्मविश्वास कम

दाँतों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

  • दिन में 2 बार ब्रश करें (सुबह और रात)
  • हर खाने के बाद कुल्ला करें
  • हर 6 महीने में डेंटिस्ट को ज़रूर दिखाएँ
  • तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से बचें
  • फाइबर युक्त फल-सब्ज़ियाँ खाएँ (जैसे सेब, गाजर)

स्मार्ट हेल्थ टिप्स

  • ब्रश को हर 3 महीने में बदलें
  • बच्चों को ब्रश करने की आदत जल्दी सिखाएँ
  • रात को ब्रश ज़रूर करें – तभी दाँत लंबे समय तक साथ निभाएँगे
  • दाँत दर्द होने पर घरेलू उपायों के बजाय डॉक्टर से मिलें

निष्कर्ष: मुँह की सेहत, आपकी पहचान

अच्छी मुस्कान सिर्फ दिखाने के लिए नहीं,
यह आपके स्वस्थ शरीर और आत्मविश्वास की भी निशानी है।

Source -research by me andAI help it to frame it

THIS ARTICLE IS WRITTEN BY SHREYA BHARTI INTERN (NWI)

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