राजनांदगांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ का आयोजन

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ — महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने के लिए आज राजनांदगांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

दोनों माननीय अतिथियों ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण, लाभार्थी महिलाओं से संवाद, और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

महिला सशक्तिकरण का उत्सव

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य था कि राज्यभर के स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाएं एक मंच पर आएं और अपने अनुभव साझा करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “लखपति दीदी अभियान” ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।
मिशन स्वावलंबन और अन्य सरकारी योजनाओं से अब हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन चुकी हैं।

कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने—

  • डेयरी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • हस्तशिल्प
  • जैविक उत्पाद

जैसे छोटे व्यवसाय शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदली है।

उपराष्ट्रपति ने किया अन्नप्राशन संस्कार

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने परंपरागत अन्नप्राशन संस्कार करवाया और माताओं को सुपोषण किट वितरित की।
उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्री देकर उनके उत्साह को और बढ़ाया।

उन्होंने कहा,
“जब महिलाएँ आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तब पूरा समाज और देश सशक्त होता है।”

सरकारी योजनाओं के स्टाल बने आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति ने विभिन्न विभागों जैसे—

  • ग्रामीण आजीविका मिशन
  • महिला एवं बाल विकास
  • कृषि
  • पशुपालन
  • उद्योग एवं कौशल विकास

के स्टालों का अवलोकन किया।

महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित वस्त्र, स्थानीय शिल्प, खाद्य उत्पाद और जैविक खाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इन उत्पादों की गुणवत्ता और रचनात्मकता की अतिथियों ने विशेष सराहना की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर पंचायत में कम से कम पाँच “लखपति दीदी” तैयार की जाएं।

महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास और प्रेरणा

कार्यक्रम में आईं महिलाओं ने खुलकर बताया कि सरकारी योजनाओं ने उन्हें—

  • आर्थिक स्वतंत्रता
  • आत्मविश्वास
  • सामाजिक पहचान

प्रदान की है।

राजनांदगांव की सविता ठाकुर ने कहा,
“पहले घर चलाना मुश्किल था, लेकिन अब हमारे समूह से हमें नियमित आमदनी हो रही है। यह सम्मेलन हमारे लिए सम्मान और प्रेरणा का अवसर है।”

समापन: अमृतकाल में महिलाओं की भूमिका निर्णायक

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के अमृतकाल में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आने वाले वर्षों में “लखपति दीदी योजना” के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

निष्कर्ष

राजनांदगांव में आयोजित यह सम्मेलन न केवल महिला सशक्तिकरण का उत्सव बना, बल्कि इसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि—
“जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज समृद्धि की ओर बढ़ता है।”

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