अमेरिका के 50% टैरिफ से भारतीय निर्यात पर बड़ा संकट

अमेरिका सरकार ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
यह अधिसूचना अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी की गई है, जिससे अब कुछ उत्पादों पर कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया है

असर:

  • भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका में प्रतिस्पर्धा करना हुआ मुश्किल
  • खासतौर पर छोटे और मझोले उद्यमों पर भारी असर
  • ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को तेज़ी मिली

भारत ने नए निर्यात बाजारों की ओर रुख किया

भारत के पूर्व राजदूत हर्ष श्रृंगला के अनुसार, सरकार ने अमेरिकी निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश शुरू कर दी है।

जिन देशों पर फोकस किया जा रहा है:

  • ऑस्ट्रेलिया
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • EFTA देशों के साथ व्यापार समझौते पर कार्य जारी
  • EU के साथ वार्ता अंतिम चरण में

इससे भारत को निर्यात को विविध देशों की ओर मोड़ने और अमेरिकी टैरिफ के असर को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री का ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ बनने की अपील की है।

“यह समय है आत्मनिर्भर भारत को और मजबूत बनाने का।”

यह अपील ऐसे समय पर आई है जब भारत को अमेरिकी टैरिफ के कारण निर्यात में भारी गिरावट की आशंका है।

कपड़ा उद्योग पर सीधा असर

तिरुपुर, नोएडा और सूरत जैसे शहरों की कपड़ा और परिधान इकाइयों ने उत्पादन रोकना शुरू कर दिया है।

  • लागत बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल
  • हज़ारों कामगारों की रोज़गार पर खतरा

47 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा

अमेरिका के नए टैरिफ से भारत के लगभग $47 अरब के निर्यात पर असर पड़ेगा।

  • जैसे कि भारतीय कालीन (कार्पेट) पर शुल्क पहले 2.9% था, अब बढ़कर 52.9% हो गया है।

किन उद्योगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा प्रभाव?

  1. समुद्री उत्पाद (विशेष रूप से झींगा)
  2. ऑर्गेनिक केमिकल्स
  3. कपड़ा और परिधान
  4. हीरे और आभूषण
  5. मशीनरी और उपकरण
  6. फर्नीचर और बेड आइटम्स

इन उत्पादों की कीमत अमेरिका में बढ़ेगी, जिससे उनकी मांग घट सकती है और निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है।

किन उत्पादों को मिली छूट?

कुछ क्षेत्रों को टैरिफ से मुक्त रखा गया है:

  • फार्मास्यूटिकल्स
  • स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स
  • पेट्रोलियम उत्पाद

हालांकि अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि, डेयरी और मत्स्य उत्पादों को अमेरिकी बाजार में ज्यादा खोल दे

अमेरिका के नए टैरिफ से भारत को निर्यात के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है, लेकिन यह संकट भारत के लिए घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और नई व्यापार रणनीतियां तैयार करने का एक अवसर भी है

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